एआईएडीएमके के दो टूटे हुए धड़ों का एक होना इतना आसान नहीं है। गुरूवार को तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व वाले धड़े एआईएडीएमके (पुराचि थलाईवी अम्मा) ने राज्य के सत्ताधरी गुट एआईएडीएमके (अम्मा) के सामने पार्टी को एक करने से पहले अपनी दो शर्तें रख दी है।
पन्नीरसेल्वम गुट ने गुरुवार को कहा कि वे विलय के लिए तभी तैयार होंगे जब वे अपनी आंखों से शशिकला का इस्तीफा देख लेंगे। उन्होंने यह भी मांग रखी है कि एआईएडीएमके के विलय के बाद मुख्यमंत्री का पद ओ पन्नीरसेल्वम संभालेंगे।
शशिकला के जेल जाने के बाद तमिलनाडु के सत्ताधारी दल एआईएडीएमके के भीतर बिखराव आ रहा था। इसके बाद शशिकला गुट और पन्नीरसेल्वम गुट के बीच लगातार विलय को लेकर पिछले तीन-चार दिन से बातचीत चल रही है।
पन्नीरसेल्वम गुट ने विलय के लिए पहले शशिकला के इस्तीफे की शर्त रखी थी। ओ पनीरसेल्वम की मांग है कि पार्टी से परिवार के शासन को खत्म किया जाए। यह अन्नाद्रमुक प्रमुख शशिकला, उप महासचिव और उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरन के संदर्भ में है।
इसके बाद से लगातार यह कयास लगाया जा रहा है कि शशिकला एआईएडीएमके के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकती हैं।
जयललीता की मौत की सीबीआई जांच भी शामिल
इससे पहले 18 अप्रैल को पन्नीरसेल्वम ने ट्वीट करके यह कहा था कि वे अपनी मांगों पर डटे हुए हैं। अपनी मूल मांगों से हटना तमिलनाडु की जनता और एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं के साथ नाइंसाफी होगी।
ओपीएस ग्रुप के सीनियर नेता मुनुसामी ने कहा, जयललिता की संदेहास्पद मौत को लेकर सीबीआई जांच की मांग से किसी तरह का समझौता नहीं हो सकता है। हम तभी बातचीत पर तैयार हो सकते हैं जब सरकार इस बारे में सीबीआई जांच कराने का आदेश देती है।


0 Comments